संदेश

दिसंबर, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सुन 2017 मेरी बात ✍

चित्र
         आज 1 जनवरी आ गयी । पिछला वर्ष 2016 कुछ कठोर यादे दे गया मुझे ।                पर अब 2016 को भूल के हम जीवन को आगे ले के बढ़ते रहेंगे। सुन 2017 ----  2017 को मेरा सन्देश है की मै तेरी हर चुनौती को मैं स्वीकार करता हूँ। मै तेरे विदा होने से पहेले तेरे हर तारीख  पर कुछ नया लिख जाऊँगा । जो अभी तक उन पुराने कलेण्डर की तारीखो पर वो बात अब तक ना लिखी गयी हो। मुझे बोलना है तुम से.... सुन 2017 तू चाहे जितनी चुनौती ले के आये हर चुनौती का सामना करूँगा हार भी जाऊ फिर भी उठ के लडूंगा पर तेरी हर कि चुनौती को पार करूँगा । जब --जब तेरे कलेंडर का पन्ना पलटेगा तू हर बार से बड़ी चुनौती को  मुझसे दंगल करवायेगा । मै तेरा ये दंगल भी जीत के दिखाऊँगा। तेरी बनायी हर रास्ते को जब मै पार ना कर पाऊंगा ।मेरे दोस्तों से  मिले हौसलो से वो हर बॉधा पार कर   जाऊंगा कुछ करना है मुझे जो तेरे वर्ष 2017 को मेरी पहचान दे तू नही मै तेरी पहचान बनू। सुन 2017 ये कहना है तुझ से मै तेरी पहचा...

Digtal india कैसे बने

चित्र
अब दिसम्बर के महीने मे हमारा आगमन हो चूका है लोग अब भी एटीएम और बैंक की लाइन मे लगे है 9 नवम्बर के बाद से हमारी स्थति  बहुत मामूली सूधार हुआ है पर गांव की सहकारी बैंकों की स्थति और खराब हो गई है अब हमारी सरकार इस स्थति से निपटे के लिए कैश लैस लेनदेन को बढ़ावा देना चाहती है सरकार का दावा-- सरकार का तर्क है कि कैश लैस से काला धन आने वाले समय मै रोकने  में हमारी  मदद करेगी। भारत मै 50 करोड़ मोबाइल उपभोगता हैं जो मोबाइल का प्रयोग कर रही हैं । जो भारत को कैश लैस भारत बनाने मै बहुत काम की कड़ी साबित। Online ट्रांसजक्शन को बढ़ावा दे जिस से देश मै मनी आदान--प्रदान मै पारदर्षिता हो। और सरकार सब पर नज़र रख सके । और कला धन को रोका जा सके। लोग नोट बंदी से परेशान क्यों-- सरकार के नोट बंदी के घोषणा के बाद जनता सरकार के फैसले के साथ है पर सरकार को जो तैयारी के साथ काम करना चाहिये था उस मे सरकार पूरी तरह से सफल नहीं हो सकी है। लोग 20 दिन बाद भी लाइन मै और बड़ी नोट (2000) और छुट्टे की किल्लत से जूझ रही हैं बड़े नोट से परेशानी-- सबसे बड़ी गलती लोग ये मान रहे है कि सरक...