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अगस्त, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सोशल सेल्फी-- नकरात्मक सोच को कैसे दूर करे

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नमस्कार दोस्तो आप का स्वागत है फिर इस नये आर्टिकल के साथ जहाँ हम सीखने की कोशिश करेंगे कि कैसे अपने नकारत्मक सोच को दूर कर सकते है। यहाँ हम आप से कुछ बाते शेयर करेगे जो आप को मदद करेगी। आप के सोच को positive करने की।  जिससे आप सकरात्मक सोच को अपने दिमाग मे रख सके।   चलिये शुरू करते है आर्टिकल-- आप देखते होंगे आप हमेशा कुछ न कुछ सोचते है। उसमे से 90% से ज्यादा नेगेटिव सोच होती है। उन सभी सोचो मे। हम अक्सर ज्यादा तभी सोचते है जब हम अंदर से कुछ ज्यादा परेशान रहते है घर हो या बाहर हर जगह नेगेटिव माहौल मिलता है। तब हमारी सोच 99% नेगेटिव हो जाती है और वही सोच हम सब को देते है। रिजल्ट कुछ अच्छा नही मिलता मन के अंदर हो या बाहर ।  इस का रिजल्ट ये होता है लोग हम से दूर होते जाते है आप से बात करने से  कतराते है। आप अकेले पड़ते है आप जो भी काम करते है उसमे आप बुरी तरह फेल हो जाते है। और आप और नेगेटिव होते जाते है। Positive कैसे बने--  दोस्तो हमारी सबसे बड़ी दिक्कत ये होती है कि हम को सब कुछ तुरंत और जल्दी चाहिये होती है। जो कुछ भी हमारे पास है उससे खुश न...

सोशल सेल्फी--डर के आगे जीत है

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नमस्कार दोस्तो आज हम लेकर आये है आपके लिये आत्मविश्वास को बढ़ाने और अपने डर को काबू मे कैसे करे इस  पर ब्लॉग की एक श्रखंला जो सिर्फ आप के लिये ले कर आया हूँ। जहाँ से आप कुछ सीख ले सके और अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सके। मैं आप से वादा करता हूँ की आपको अपने हर मोटिवेशनल ब्लॉग से आप को positive सोच और आपको खुद पर भरोसा करना सीखा सकू। चलिये शुरू करते है आर्टिकल-- आज हम जिस दौर मे है बहुत भाग दौड़ भरी जिंदगी  है कॉम्पटीशन का लेवल बहुत ही बढ़ गया है।इस कॉम्पटीशन भरी भाग दौड़ मे हम भी लगे है। कोई इस मे जल्दी जीत जाता है किसी को सफल होने मे बहुत समय लग जाता है। और कोई तो कॉम्पटीशन का सामाना करना ही नही चाहता है उससे भागता रहता है हमेशा पर कब तक भागते रहोगे उसका सामना करना ही पड़ता है और जब कॉम्पटीशन का सामना होता है तो हमारा जो डर है वो हम पर हावी हो जाता है और हम कॉम्पटीशन मे फेल हो जाते है। ये फेल होने का डर हमेशा हर किसी के दिमाग मे रहता है कोई इस डर को जीत जाता है और कोई इस डर को पलता है जीवन भर और हमेशा डर के सहम के रहता है। उसको लगता है कि अगर मैं कुछ अलग सोचता ह...

सोशल सेल्फी-- ट्रेन से बुलेंट ट्रेन तक

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नमस्कार दोस्तो आज हम सोशल सेल्फी मे लेकर आये है अपनी रेल की सुरक्षा व्यवस्था को हम पड़ताल करेगे की जो सपना मोदी जी ने "न्यू इंडिया" को लेकर बनाया है।वहाँ हमारी रेल व्यवस्था कहाँ फिट बैठती है।  और ये भी की जो बुलेंट ट्रेन भारत मे चलने वाली है अहमदाबाद से मुम्बई तक के लिये क्या ये सही फैसला है सरकार का जब की हमारी रेल की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था बिल्कुल फेल है अभी 2017 तक भी।  जो सरकार का सपना है ट्रेन से बुलेंट ट्रेन तक का बहुत ही काटो भरा है। हमारी रेल व्यवस्था--  हमारी रेल की व्यवस्था ये है की आज तक वो उत्तम प्रकार की खान-पान तक ट्रेनों नही हो सकी है। 70 वर्ष हो चुके है भारत को अपनी रेल को सँभलते हुए ।पर आज भी वो दुनिया के हर उस देश से मिलो पीछे है जो विकसित देश है आज हम दावा करते है हम भी जल्दी ही विकसित देश बनाने वाले है। चीन दुनिया की सबसे तेज रेल चलाने वाला है। और अभी हम 200 km से ऊपर भी ठीक से ट्रेन नही चला पाये है। बुलेंट तो दूर का सपना लगता है। आज भी हमारी रेल व्यवस्था गंदगी से जूझ रही है। स्टेशनों पर सफाई नही दिखती क्योंकि  कोई ...

सोशल सेल्फी-- तीन तलाक को तलाक

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नमस्कार दोस्तो आज हमारा मुद्दा है ट्रिपल तलाक जो नासूर था मुस्लिम महिलाओं के लिये।  उसको कोर्ट ने पाबंदी लगा दी। ये बहुत ही ऐतिहासिक फैसला है मुस्लिम महिलाओं के लिये और उन सभी औरतो के लिये जो अपना सम्मान और हक के लिये संघर्ष करती है।   याचिकाकर्ता -  शायरबानो,फराह फैज़, आफरीन रहमान,इशरत जहाँ और गुलशन परवीन आप सभी एक मिसाल हो हर मुस्लिम महिलाओं के साथ-साथ हर उस महिलाओं की जो अपने अपने हक के लिये लड़ना चाहती है। तीन तलाक पर लड़ाई की शुरुवात इसकी शुरुवात तो....जब 1978 मे इंदौर की शाहबानो ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। तभी से हो गयी थी पर इतना लम्बा सफर तय करना होगा ये कभी नही सोचा था 1978 से 2017 तक एक लंबा सफर तय किया है ट्रिपल तलाक को बैन करने के लिए मुस्लिम महिलाओं के हक और सम्मान को पाने मे। ये जो लंबा सफर रहा ट्रिपल तलाक पर बैन करने का उसका पूरा श्रेय उन समय की सरकार को जाता है।  जो हिम्मत नही कर सकी ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़ी हो सके। उल्टा जब अदालत ने शाहबानो के हक मे फैसला सुनाया तो तत्कालीन सरकार ने संसद मे फैसला पलट दिया और ...

सोशल सेल्फी-- युवराज सिंह की

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युवराज सिंह एक फाइटर  नमस्कार दोस्तो आज हम आप के लिये चर्चा मे ले कर आये है युवराज सिंह जी को। ये चर्चा मे आज इस लिये है कि श्रीलंका टूर के वनडे टीम मे इनका सलेक्शन नही हुआ है। अब यही से कुछ लोग अटकले लगाने लगे है कि क्या युवराज सिंह का क्रिकेट का सफर अब खत्म हो गया है। उनसभी अटकलों का जवाब हम इस आर्टिकल मे ढूढने की पूरी कोशिश करेंगे। शरू करते है युवराज सिंह जो कभी भारत मे कैफ के बाद सबसे फुर्तीले प्लयेर हुआ करते थे आज वो यो-यो फिटनेस टेस्ट मैं 16 अंक ही बना पा रहे है जोकि उनके मानक का नही है। यो यो मैं कम स कम 21 अंक बनाना होता है जो अभी फिलहाल यूवी बहुत दूर दिख रहे है हम सभी को दमदार फुर्तीला युवराज याद है जो पलक झपकते है पॉइन्ट पर हवा मे छलांग लगा के गेंद को पकड़ लेता था। वो ये सब आसानी से इस लिये कर पाते थे क्योंकि वो यंग थे तब वो 25 के थे अब 35 के बहुत फर्क है फिटनेस का । कोई नही भूल सकता ब्रॉड की गेंद पर 6 गेंद पर 6 six वो युवराज टाइम था।  आज 35 के age मे उनको  इस टाइम और अपने खेल को एडजेस्ट करना होगा नही तो.. मुश्किल होगी। हमारे एशि...

सोशल सेल्फी-- हैप्पी इंडिपेंडेंस डे की

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नमस्कार दोस्तो आप सभी को आजादी के 70 साल होने का जश्न मुबारक हो। हमारा देश आज 70 साल का हो गया इन 70 सालो मे देश ने बहुत सी खुशियां और गम दोनों देखे। करवा चलता रहा जंगे देखी भारत के अंदर हुई जंगे देखी पर देश न रुका पता है क्योंकी भारत को हम अपनी माँ समान मानते है और हम सब उनकी संताने। घर मे कुछ भी खिट-- पिट  होती पर जब बात परिवार की आती है तो हम एक हो जाते है वैसे ही अपना भारत देश इन 70 सालो मैं परिस्थिति कैसी भी लोग मिल के अपने भारत देश के साथ थे। क्या हिन्दू क्या मुस्लिम क्या सिक्ख क्या पारसी ,जैन, ईसाई सब मिल सामना किये और देश को एक ताकत दिये। आजदी के हीरो सभी के अलग अलग हो सकते है पर देश को समान सभी देते है। बचपन मे हम एक गाना हम सीखाया जाता था वो गाना था-- "हम लाये तूफान से कश्ती निकाल के इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के" ये हम सभी परफॉर्म करना होता था स्टेज पर 15 अगस्त और 26 जनवरी को । वैसे गाना तो पुराना है पर बात इस की दमदार है आजादी तो बहुत ही संघर्षो के बाद ही मिली है। न जाने कितनी कुर्बानिया दी यहाँ पर मै सभी की बात नही कर पा...

सोशल सेल्फी-- जन्माष्टमी स्पेशल

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नमस्कार दोस्तों आप सभी को सबसे पहले जन्माष्टमी की ढेरो बधाई हो।  कृष्ण जी का नाम सुनते ही आप सभी को शरारत नटखट चंचल स्वाभाव वाले बालक का चित्र आप के दिमाग मे घूमने लगा होगा।   ये सभी गुण हम अपने बच्चो मे देखते है उनको नंद गोपाल की संज्ञा देते है। वैसे सभी बच्चो मे ईश्वर का अंश होता है ऐसा भारतवर्ष मे माना जाता है। आज हम  भगवान कृष्ण जी की बात करेंगे और उनके द्वौरा किये लीला और पूरी दुनिया को भगवत गीता का उपदेश दिया उसकी चर्चा होगी।  भगवान कृष्ण जी ने तो बचपन से ही अपने गुण को प्रदर्षित करने लगे थे।  कृष्ण जी ने अपने ग्राम वासियो की रक्षा के लिए गौवर्धन पर्वत को अपने उँगली से उठाया सिर्फ सभी गांव वालों की रक्षा के लिये. कालिया नाग को यमुना से भगाया सभी की सुरक्षा के लिये यमुना को जहर से मुक्ति दी। आज का समय-- जैसे कृष्ण जी ने अपनी छोटी उंगली से पर्वत को उठाया था सभी की रक्षा करने के लिये ठीक वैसे ही आज का समय बन चुका है यहां तो भगवान श्रीकृष्ण जी नही आएंगे पर जो उन्होंने उस समय किया यहाँ वही हम को भी करना है इस कलयुग मे यहाँ हमको  कृष्ण जी...

सोशल सेल्फी--- असूरक्षा की

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नमस्कार दोस्तो आज का मुद्दा है भारत देश मे क्या वाकई अल्पसंख्यक डर के माहौल मे जी रहे है या उनको डराया जा रहा है। ये बाते इस लिये आज मुद्दा है क्यो की हमारे उप राष्ट्रपति जी ने जाते --जाते ये बाते बोली है। अब तो वो उपराष्टपति नही रहे शायद उनको पद पर रहते हुए ये बात खुल के बोलनी  चाहिये थी तो बात कुछ और होती।पर उनका चुनाव पद से रिटायर होते हुऐ उनको बोलना खुल के उचित लगा खैर ये तो उनका चयन था। बवाल क्यों बोलने पर- भारत मे अल्पसंख्यक को डर लगता है ये एक उपराष्ट्रपति बोल के जाये तो देश की छवि खराब होती है अंतरराष्ट्रीय मंचो पर भारत ये एक मुद्दा हो सकता है बवाल का और भी कारण है पर हम उसपर न जाके आगे बात करते है। डर क्यों अल्पसंख्यकों - हम आखिर के 3सालो मे सुन रहे है कि गौ रक्षा के नाम पर अल्पसंख्यक एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है कुछ राज्यो मे गौ हत्या बैन है तो वहाँ ऐसी घटना ज़्यादा देखने को मिल रही है शायद ये एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है अल्पसंख्यकों के असूरक्षा का जो पूर्व राष्ट्पति बोलना चाहते हो। गाय हिंदुओं के लिये पूजनीय है गाय को हिन्दू धर्म मे माँ की...

सोशल सेल्फी---- भारत छोड़ो आन्दोलन के 75 वर्ष

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दोस्तो आप हम ने देश के भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष होने की आज के समय की थोड़ी तुलना कर के उस की सेल्फी लेने की छोटी सी कोशिश की है।   8 अगस्त 1942 को अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोल शुरू हुआ। और 5 वर्ष मे देश को आजादी मिल गयी। उन 5 सालो मे देश ने बहुत कष्ट देखे होंगे।परेशानिया आयी होंगी। लेकिन भारत छोड़ो आन्दोलन चलता  रहा देश को गुलामी की बेड़ियो निकलने के लिये. और अंत मे हम जीते भी । और जब हम इस आन्दोलन के 75 वर्ष को मना रहे है तो आज का जो परिद्रश्य है थोड़ा उसके ही अनुकूल है। देश को स्वलम्बी बनाने का आन्दोलन भी इस समय जरूरी है। जो चीज़ जहाँ छोड़ी जाती है वो हम को प्ररेणा देती है अपने हक के लिये लडने के लिये। आज तो बहुत जरूरी हो गया है देश को फिर से एक अति महत्वपूर्ण आंदोलन की वो है स्वदेशी बनने की और दूसरे देशों पर अपनी आत्मनिर्भरता जल्दी से कम करने की। आज हम चीन पर बहुत अधिक मात्रा पर निर्भर हो चुके है। वो हमारा हर समान बनता है यहाँ तक की भगवान की मूर्ति से लेकर अगरबत्ती तक। इलेक्ट्रिक सामानों पर हम तो 100% चीन का ही माल प्रयोग करते है। और उधर चीन हम को ...

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आ गया है आप के टैलेंट  को एक मंच देने के लिये तैयार पोस्टर स्टार चैनल आप के वीडियो को हम अपने चैनल दिखाते  है अपने वीडियो भेजने के लिये  हम को कमेन्ट मे  लिखे  हम आप के हुनर को वायरल करने के आप से वादा करते है  Amazon.in Widgets

सोशल सेल्फी---- friendship डे .....की

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दोस्तो आप सभी को फ्रेंडशिप डे की बहुत बहुत शुभ कामनायें... आज कुछ बाते हम फ्रेंडशिप पर करेंगे .. दोस्त क्यों खास होते है। वो क्यों हमको अपने जीवन का एक हिस्सा लगने लगते है। दोस्त हमारा दूसरा मन है। जहाँ आप खुल के अपनी बात रख सकते है बिना डरे और बिना सोचे। जहाँ दोस्ती मे अपनी बात को सोच समझ के रखा जाता है वो दोस्ती नही समझौता है। दोस्ती तो होती है जहाँ कोई सवाल न करना पड़े और दोस्त खुद ही समझ जाये दोस्त की परेशानी । दोस्ती वो रिश्ता है जिस को हम खुद चुनते है वो भी अपने दिल की सुन के। "दोस्ती सवाल नही करती वो हर सवाल का जवाब है" फ्रेंडशिप डे तो हर उस दिन हो जाता है जब अपना कोई दोस्त कामयाब हो जाता है। फ्रेंडशिप डे तब मनती है जब अपने दोस्त को गलत बात पर टोकते है। वही है अपना फ्रेंडशिप डे। आज हम फ्रेंडशिप डे तो माना लेंगे पर यहाँ फ्रेंडशिप डे खत्म नही होगा । हर रोज फ्रेंडशिप डे होगा उन सभी दोस्तों के लिये जो हम को हर बला और परेशानी को पहले से देख हम को सही सलाह देते है कि "बेटा ये न कर  पछतायेगा" बचपन से लेकर जवानी हर मोड़ पर साथ निभाये ...

सोशल सेल्फी-- नया डर चोटी कटवा का

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दोस्तो आज कल हम बस एक ही नाम सुन रहे है वो है अकेली औरतो की चोटी कटने की घटना की अब भारत मे नये डर ने प्रवेश किया है चोटी कटवा का डर । पहले भी हम सभी मुँहनोचवा और मंकी मैन से   तबियत से डर चूके है। और डर से ज्यादा  जो अफवाहो से । देश 4 राज्यो मे ये घटना हो चुकी है। 90 चोटियाँ काटी जा चुकी है और अभी तक किसी को ये  नही पता की कौन कर रहा है ये सब। इन सब के बीच जो चोटी कटवा के नाम पर आगरा मे एक बूढ़ी महिला को पिट-पिट के मार दिया गया ये सिर्फ चोटी कटवा के अ फ वा ह और उससे फैले ख़ौफ़ के कारण ये घटना हो सकी। लोग डरे हुऐ है police  का रोल इस डर को दूर करने मे क्या है या अभी तक साफ नही हो पा रहा है वो भी क्या करे नये टाइप की चुनौती  है उन को भी समझने मे  थोड़ा समय लग रहा है।  वैसे हमारा  देश चमत्कार, जादू  और कहानियों का देश भी है इस पर लोगो का पूरा भरोसा है। किसी को न भी हो तो. अफवाहो से यकीन करने को मजबूर हो ही जाता है ये कड़ी डर और कहानियों की कड़ी एक दूसरे से जुड़ती जाती है और एक बड़े डर का माहौल बना देती है।...