सोशल सेल्फी-- नया डर चोटी कटवा का

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दोस्तो आज कल हम बस एक ही नाम सुन रहे है वो है अकेली औरतो की चोटी कटने की घटना की अब भारत मे नये डर ने प्रवेश किया है चोटी कटवा का डर ।

पहले भी हम सभी मुँहनोचवा और मंकी मैन से   तबियत से डर चूके है। और डर से ज्यादा  जो अफवाहो से ।
देश 4 राज्यो मे ये घटना हो चुकी है। 90 चोटियाँ काटी जा चुकी है और अभी तक किसी को ये  नही पता की कौन कर रहा है ये सब।

इन सब के बीच जो चोटी कटवा के नाम पर आगरा मे एक बूढ़ी महिला को पिट-पिट के मार दिया गया ये सिर्फ चोटी कटवा के अ फ वा ह और उससे फैले ख़ौफ़ के कारण ये घटना हो सकी।

लोग डरे हुऐ है police  का रोल इस डर को दूर करने मे क्या है या अभी तक साफ नही हो पा रहा है वो भी क्या करे नये टाइप की चुनौती  है उन को भी समझने मे  थोड़ा समय लग रहा है।

 वैसे हमारा  देश चमत्कार, जादू  और कहानियों का देश भी है इस पर लोगो का पूरा भरोसा है। किसी को न भी हो तो. अफवाहो से यकीन करने को मजबूर हो ही जाता है ये कड़ी डर और कहानियों की कड़ी एक दूसरे से जुड़ती जाती है और एक बड़े डर का माहौल बना देती है।

इस का फायदा सबसे पहले तांत्रिक जरूर उठाते है उनकी दुकान का सबसे अच्छा समय जो होता है "डर की दुकान " लोग पुलिस से ज्यादा तो उस समय तांत्रिको पर करते है और उनकी जेब  को भरते है।
घर के बाहर तांत्रिको के हाथो के छाप मिल जायेंगे इस समय क्योंकि ये छाप बुरी शक्तियों को घर से दूर रखेगी ऐसा लोगो का मानना है इन छापों को कितने मे ख़रीदा है ये लोग नही बताना चाहेंगे। आस्था का प्रशन है इस लिये।

कब तक हम ये  कहानिया बनाते रहेगे हम को इन सब से सख्ती से बाहर निकलना  होगा ये एक अफवाह है इसका जो आड़ ले के अपना डर का माहौल बना रहे है उनको जवाब देना होगा पुलिस और आम जनता  को मिल के उन सभी को पकड़ना होगा  जो ये चोटी कांड कर के देश मे डर का माहौल पैदा कर रहे है। उस को दूर करने के लिये। 

देश मंगलयान की बात कर रहा था तब से ये चोटी काण्ड की बाते हो रही है क्या देश है हमारा
हमको  निकलना होगा इन सभी प्रपंचो से। 

देखिये कब तक चलता है ये सब 

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