सोशल सेल्फी---- भारत छोड़ो आन्दोलन के 75 वर्ष
दोस्तो आप हम ने देश के भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष होने की आज के समय की थोड़ी तुलना कर के उस की सेल्फी लेने की छोटी सी कोशिश की है।
8 अगस्त 1942 को अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोल शुरू हुआ। और 5 वर्ष मे देश को आजादी मिल गयी।
उन 5 सालो मे देश ने बहुत कष्ट देखे होंगे।परेशानिया आयी होंगी। लेकिन भारत छोड़ो आन्दोलन चलता रहा देश को गुलामी की बेड़ियो निकलने के लिये.
और अंत मे हम जीते भी ।
और जब हम इस आन्दोलन के 75 वर्ष को मना रहे है तो आज का जो परिद्रश्य है थोड़ा उसके ही अनुकूल है।
देश को स्वलम्बी बनाने का आन्दोलन भी इस समय जरूरी है। जो चीज़ जहाँ छोड़ी जाती है वो हम को प्ररेणा देती है अपने हक के लिये लडने के लिये।
आज तो बहुत जरूरी हो गया है देश को फिर से एक अति महत्वपूर्ण आंदोलन की वो है स्वदेशी बनने की और दूसरे देशों पर अपनी आत्मनिर्भरता जल्दी से कम करने की।
आज हम चीन पर बहुत अधिक मात्रा पर निर्भर हो चुके है। वो हमारा हर समान बनता है यहाँ तक की भगवान की मूर्ति से लेकर अगरबत्ती तक।
इलेक्ट्रिक सामानों पर हम तो 100% चीन का ही माल प्रयोग करते है।
और उधर चीन हम को चिढ़ता है कि वो हम पर निर्भर है।
कुछ भी इंडिया वाले कर ले हम घूम फिर के उसका ही समान लेंगे।
चीन सही बोलता है हम लेते भी है।
क्यों लेते है चीन का सामान--
चीन का सामान लेने का सबसे बड़ा कारण वो सबसे सस्ता देखने मे आकर्षित करता है। चीन का सामान भारत मे हर स्टोर पर बहुत ही सस्ता और आसानी से मिल जाता है
सरकार का रुख-
सरकार हमारी अपनी कूटनीति और international लॉ से बंधी है। वो सीधे तौर पर नही बोल सकती कि चीन का सामान मत लो या हम चीन पर पाबंदी लगा दे।देश की छवि को साथ ले के चलना होता है।
हमरा रोल क्या है-
हमारा रोल तो वही घिस्सा पीटा सा है हम क्या करे चाइना सामान हमारे बजट मे आ जाता है और इंडियन समान महँगा होता है
ये सोच और उनकी पॉकेट सही बोल रही होती है सही भारत मे ज्यादा लोग मिडिल क्लास से आते है फिर गरीब से तो जो सस्ता है वो अच्छा की पॉलिसी को अपनाते है आदमी पेट और जेब के बाद देश को देखेगा । तब देश भक्ति तीसरे नंबर पर आ जाती है
सरकार को रोल-
सरकार को देश मे सबसे पहले देश भक्ति की अलख नही घर पर रोजगार देने का अलख जगाना होगा देश भक्ति अपने अपने आप देश मे आ जायेगी ।
सरकार को अपनी योजना ऐसी बनानी होगी जिससे देश के हर गांव हर कस्बो और शहरो रोजगार पैदा हो सके देश युवा शक्ति का प्रयोग कर अपने ही देश मे कच्चा माल से लेकर हर वो प्रोडक्ट उत्पाद कर सके जिस को हम विदेशो से लेते है।
ये ऐसे तो नही होगा ये 100% तभी होगा जब कोई भी योजना को कागजो मे लागू करने के बजाय अधिकारी खुद उसको अपने हाथो मे लेकर के प्रदेश के मुख्यमंत्री को साथ ले कर जनता के बीच जाये।
जब "जनता+अधिकारी +विधायक +मुख्यमंत्री "
ये समीकरण मिल के काम करेंगे तभी हम स्वलम्बी देश हो सकते है नही तो बनाते रहे ख्याली पुलाव
भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पर बस यही कहूंगा आजादी बड़ी मुश्किल से मिली जिंदगी भी एक बार मिलती है किसी का इंतजार न करे जो आता है बिना शर्म शुरू करे आप तरकी करोगे तो देश तरकी करेगा।
जय हिन्द
जय भारतीय

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