सुन 2017 मेरी बात ✍
आज 1 जनवरी आ गयी । पिछला वर्ष 2016 कुछ कठोर यादे दे गया मुझे । पर अब 2016 को भूल के हम जीवन को आगे ले के बढ़ते रहेंगे।
सुन 2017 ----
2017 को मेरा सन्देश है की मै तेरी हर चुनौती को मैं स्वीकार करता हूँ।
मै तेरे विदा होने से पहेले तेरे हर तारीख पर कुछ नया लिख जाऊँगा ।
जो अभी तक उन पुराने कलेण्डर की तारीखो पर वो बात अब तक ना लिखी गयी हो।
मुझे बोलना है तुम से.... सुन 2017 तू चाहे जितनी चुनौती ले के आये हर चुनौती का सामना करूँगा हार भी जाऊ फिर भी उठ के लडूंगा पर तेरी हर कि चुनौती को पार करूँगा ।
जो अभी तक उन पुराने कलेण्डर की तारीखो पर वो बात अब तक ना लिखी गयी हो।
जब --जब तेरे कलेंडर का पन्ना पलटेगा
तू हर बार से बड़ी चुनौती को मुझसे दंगल करवायेगा ।
मै तेरा ये दंगल भी जीत के दिखाऊँगा।
तेरी बनायी हर रास्ते को जब मै पार ना कर पाऊंगा ।मेरे दोस्तों से मिले हौसलो से वो हर बॉधा पार कर जाऊंगा
कुछ करना है मुझे जो तेरे वर्ष 2017 को मेरी पहचान दे
तू नही मै तेरी पहचान बनू। सुन 2017 ये कहना है तुझ से मै तेरी पहचान बनू ।

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