चुनाव की सेल्फी पार्ट-1
चुनावी मौसम आया-
भाई आ गया चुनाव का मौसम आ गया।यूपी मै इस बार किसी सत्ता होगी। क्या फिर से सायकिल चलेगी। या फिर फिर से बसपा वापस आ जायेगी।
या इस बार विधानसभा मे भी मोदी जी की आँधी चलने वाली है।
क्या होगा किसी को कुछ नही पता बस पता है ये की भाई बस अपनी पार्टी ही जीतेगी।
सब की अपनी पार्टी अपनी सोच किसी जी धर्म वाली पार्टी है।
सब की अपनी पार्टी अपनी सोच किसी जी धर्म वाली पार्टी है।
किसी की जाति वाली पार्टी है किसी को मन्दिर बनवाना है और किसी को अपनी परिवार की सख्या चुनाव जीत के अपना कुनबा बढ़ाना है ।
सब जाति की बात करगे कोई धर्म की.... पर कोई 'करम"की बात ही नही करेगा।कब वो दिन आयेगा जब हम सिर्फ विकास पर बात करेगे।कब ये मुद्दा होगा की इस पार्टी ने ये पल इतने समय मै बनवाया है मेरी पार्टी आयेगी तो ये सब पुल उस से आधे समय मे बना के दो और पुल दूँगा
- ये मुद्दा कब होगा की हम राज्य की साफाई को मुद्दा बनाते है।
- ये मुद्दा कब होगा की हम औरतो को शिक्षा के श्रेत्र मे 50% आरक्षण देंगे।
- कौन सी पार्टी ये बोलेगी की हम औरतो उस के गांव मै पॉलिटेक्निक कॉलेज खोलेगी।
- और छात्राओं को पढ़ाई के साथ नया हुनर भी दिया जायेगा।
- कौन बोलेगा इन मुद्दों पर
- युवा के एजुकेशन सिस्टम मे टेक्निकल एजुकेशन को 8वी क्लास से जोड़ के 12 तक उस क्षेत्र मै आप को महारथी बना देगी ये सरकार।
अपने सोचा है भाइयों कौन सी पार्टी या सभी पार्टी क्या ये मुद्दा ले के क्यों नही आती।
जड़ से खत्म करने वाली गरीबी और सब का साथ का मुद्दा ?
कोई पार्टी मुसलमानों के साथ खड़ी दिखाई देती है
कोई हिन्दुओ के साथ खड़ी दिखाई देती है और कोई दलित के साथ।
ऐसी कोई पार्टी क्यों नही होती है जो भारत, राज्य, और आप सभी के साथ खड़ी हो।
कोई हिन्दुओ के साथ खड़ी दिखाई देती है और कोई दलित के साथ।
ऐसी कोई पार्टी क्यों नही होती है जो भारत, राज्य, और आप सभी के साथ खड़ी हो।
चुनाव का मुद्दा क्या होता है अभी--
- धर्म
- जाति
- इन्ही मुद्दों पर पूरी राजनीति गोल-गोल घूमती है
- फला का आरक्षण खत्म होना चाहिये
- फला को ये सब्सिटी क्यों दि जा रही है
- ये बात चुनाव के समय पार्टीयो से सुनने को मिल जाते है।
- आरक्षण क्यों दिया गया क्यों अभी तक ये सफल नही हुआ मूल कारण क्या इस पर बात तो होती नही।
- बस चुनाव आया तो बहस शुरू होगी।
- आखिर कब तक ये चलेगा।
- मुद्दा कब चलेगा हमारे शहर या पूरे देश मे।
- आखिर चुनाव का मुद्दा क्या होना चाहिये
- घटिया बनी सड़क।
- सीवर लाइन मैनजेमेंट ।टूटी --फूटी सीवर लाइन।
- बेकार सफाई व्यवस्था और खराब मैनजेमेंट।
- खुली गटर
- ट्रैफिक नियम
- शिक्षा 100%(लड़का लड़की दोनों को मुफ्त मे)
- रोजगार
- शिक्षा मे स्किल कोर्स को जोड़ के स्किल हब बनाना हर शहर को
- योग की तरह हर स्कूल और मदरसों मे लड़कियों को सेल्फ डिफ़ेन्स क्लास दिलाना
- राशन एटीएम लगाना।
ऐसे बहुत से मुद्दे है हर सभी पार्टीयो के मेनोफेस्ट मे होना चाहिये पर होता उस का बस 50%होता है
ऐसा दिन कब आयेगा जब हर पार्टी बोलेगी की हम इस पार्टी ने जो विकास का किया हम उससे भी तेज़ और विकास का काम कर के दिखायेगे।
दोस्तों हम इस लेख के अगले पार्ट-2 मै फेसबुक और व्हाट्सअप पर चुनाव की जो रैली हो रही है उस पर चर्चा करेंगे और चुनाव की और सेल्फी लेंगे
दोस्तों हम इस लेख के अगले पार्ट-2 मै फेसबुक और व्हाट्सअप पर चुनाव की जो रैली हो रही है उस पर चर्चा करेंगे और चुनाव की और सेल्फी लेंगे
जय हिन्द
जय भारतीय

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