सोशल सेल्फी-- हिन्दी दिवस विशेष


नमस्कार दोस्तो आपका फिर से स्वागत है सोशल सेल्फी पर हम आज अपनी राज भाषा और हमारी मातृभाषा की सेल्फी लेकर हिन्दी भाषा पर कुछ जानकरी को देकर हम हिन्दी भाषा  को सम्मान देने का प्रयास करेंगे।

दोस्तो हिन्दी दुनिया मे तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है जो करीब 80 करोड़ लोग बोलते है
और भारत मे तो 22 भाषाओं को मान्यता प्राप्त है उसमे भी सबसे ज्यादा हिंदी ही लोग बोलते और समझ सकते है।
ब्लॉग स्पांसर 

आपको ये भी जान कर हैरानी होगी कि अंग्रेजी और जर्मन के बाद हिन्दी ही वो तीसरी भाषा है जिसमें गूगल ने वर्चुअल असिस्टेन्ट एप जारी किया है।
 "गूगल एलो" एक स्मार्ट मैसेजिंग ऐप है ,जो एंड्राइड और आईओएस प्लेटफार्म पर काम करता है। यह न सिर्फ हिंदी मे यूजर की बात सुनता और समझता है यहाँ तक की उसकी जरूरत के अनुसार प्रतिक्रिया भी देता है।
ये तो एक जानकारी थी जो आपके सामने रखना बहुत ही जरूरी था ताकि आप समझ सके आज हमारी हिंदी भाषा का मुकाम दिन पर दिन आगे बढ़ता ही जा रहा है

आपको मैं एक बात याद दिलाना चाहता हूँ हमारे बापू महात्मा गांधी जी ने बोला था " मैं इसलिए हिंदी मैं बोलता हूँ,क्योकि मुझे लगता है कि यही भाषा राष्ट की आत्मा को सहज ढंग से व्यक्त कर सकती है"
सोचिये हमारे राष्टपिता भी जानते थे हिंदी का महत्व जो भारत को जोड़ेगा।

ये महत्व तो गूगल ने भी जाना शायद आप को पता न हो तो मैं आपको बताता हूँ कि सन 2000 मैं हिंदी का पहला वेब पोर्टल अस्तित्व मे आया था। जो सफर शुरू हुआ था एक मुकाम मिला 2003 मे हिंदी का पहला ब्लॉग" नौ  दो ग्यारह  बना"

फिर ट्वीटर ने भी 2011 मे हिंदी दिवस पर ही माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट का हिन्दी संस्करण जारी किया था।
सोचिए आज आप गूगल पर हिन्दी पर टाइप कर कुछ भी जानकारी ले सकते है।

ये सभी हमारी हिन्दी भाषा की ताकत को बखूबी जानते है पर न जाने हम हिन्दी बोलने और लिखने मे गर्व का अनुभव नही करते है।

हम अंग्रेजी को ज्यादा महत्व देते है उसको बोलने मे गर्व का अनुभव करते है उसका एक कारण ये भी है आज हम को जीतने भी जॉब्स मिलते है वो ज्यादातर उनका इंटरव्यू अंग्रेजी मे ही लेते है और वो लोग भी 
 अंग्रेजी अच्छी बोलने वाले को ही बेस्ट टैलेंट मानते है।
ब्लॉग स्पांसर 

अगर अंग्रेजी ही टेलेंट का पैमाना है तो चीन कभी इतनी तरकी नही करता क्योकि चीन ने अपनी "मंदारिन भाषा " वहाँ तकरीबन 1 अरब लोग बोलते और समझते है और मंदारिन दुनिया की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा मे पहले पायदान पर आती है।

चीन ने अपने एजुकेशन से हर सरकारी क्षेत्र मे अपनी भाषा को सबसे ज्यादा महत्व दिया ।
आज भी भारत मे आप देखेंगे ज्यादा तर एजुकेशन की बुक इंग्लिश मे ही मिलती है।हिंदी किताबे जल्दी नही मिलती टेक्निकल क्षेत्र  मे इसका और भी अभाव दिखता है।

जबकि इसके उलट आज टेलीविजन और सिनेमा के कारण हिंदी पकड़ को हम  सकते  है ये सभी हिंदी भाषा के कारण ही इतनी कमाई करते है और नाम और सम्मान प्राप्त करते है आज आप देखते है कि आज कितने ही हिंदी न्यूज़ चैनल आप को दिखयी देते है जो सिर्फ हिंदी भाषा का ही प्रयोग करती है।

आज हिंदी कितनी बड़ी हो रही है इसका अंदाज़ा हम इस बात स लगा सकते है कि 94% सालाना की दर स इंटरनेट पर हिंदी का इस्तेमाल बढ़ रहा है इतना ग्रोथ ।

5 मे से एक भारतीय इंटरनेट पर हिंदी मे सामग्री खंगालता है सोचिये अपने देश मे हिंदी की पैठ फिर हम हिंदी मे कही पर हस्ताक्षर करने मे शर्म महसूस करता है।

यहाँ सरकार को भी अपना काम करना होगा सिर्फ हिंदी दिवस मनाने और भाषण बाजी तक काम को सीमित नही रखना चाहिये।

देश के हर सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों मे हिंदी को महत्व दिलवाना चाहिये इंटरव्यू अपनी भाषा मे करने का ऑप्शन मिलना चाहिए।

यहाँ तक कि अपना रिज्यूम भी हिन्दी मे बना के हम दे सके बड़ी बड़ी कपंनियों को  सरकार को ऐसी कोई नीति सरकार को लानी होगी तभी तो हमारी युवा शक्ति हिंदी मैं हस्ताक्षर करने और लिखने मैं सम्मान महसूस कर 
पायेगी।

दोस्तों हिन्दी दिल की और हर हिन्दुतानी के मन की भाषा है इसका सम्मान करे तो दुनिया आप को सम्मान देगी 
मुझे तो गर्व है की मै हिन्दी बोल और लिख सकता हु आप मेरे ब्लॉग को भी गूगल पर सर्च कर सकते है पूरा कन्टेन्ट आप को हिन्दी मै  ही दिखायी  देगा अगर मै  कुछ भी हिन्दी भाषा  के लिए योगदान दे पाया तो यह मेरे लिए बहुत  गर्व की बात होगी। 

मेरी socialselfi89.blogspot.com वेबसाइट पूरी तरह हिंदी भाषा को समर्पित वेबसाइट है हर जानकारी आप को हिंदी सरल भाषा मे  उपलब्ध मिलने वाली है 

बस दोस्तों आखिर मे  यही कहूँगा  अपनी भाषा  का सम्मान करे उसको बोलने और लिखने मे शर्म नही  गर्व का अनुभव करे।  

जय हिन्द 
जय भारतीय  

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