चुनाव की तैयारी!2019

नमस्कार दोस्ती आज मौका है कि कुछ अपने देश के पॉलिटिकल माहौल पर कुछ लिखू। काफी समय बीत गया मुझे पॉलिटिक्स पर कुछ लिखे हुए। माहौल तो तब भी लिखने का था पर 2019 के करीब आकर के इस हो रही राजनीति पर लिखने का मजा ही कुछ और है।
जनवरी जाते-जाते और फरवरी आते हम देख रहे है कि जहाँ एक तरफ गठबंधन हो रहे है और दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इस गठबंधन को ठग बंधन की संज्ञा दे रहा है।
सत्ता पक्ष का इस गठबंधन पर एक तर्क यह भी है कि कौन होगा इस गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का चेहरा ।
पर हमको यह नही भूलना चाहिये कि सत्ता पक्ष ने भी तो गठबंधन किया था 2014 मे और 2017 यूपी चुनाव मे यहाँ तक कि 2017 मे तो यूपी का CM चेहरा तक बीजेपी ने नही दिया था। तो बीजेपी आज क्यों सभी दलों के गठबंधन का प्रधानमंत्री चेहरा कौन होगा ये मुद्दा उठा रही है। सोचना तो होगा हम सभी को....
आम चुनाव की तैयारी  शुरू हो गयी है पर इस बार आम चुनाव "आम चुनाव" न रहकर "खास चुनाव" रहेगा।
आप ये प्रश्न पूछेगे की क्यों तो मेरा जवाब होगा कि बहुत समय बाद एक पार्टी के विरुद्ध बहुत सी पार्टिया एक साथ मिल कर चुनाव लड़ने जा रहे है।
ऐसा तो पुराने समय मे होता था जब कांग्रेस का राज रहता था। पर इस बार बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के विरुद्ध सभी विपक्ष की पार्टिया एक हुई है।
ये तो रही "एक पार्टी vs सभी विपक्षी पार्टियों की लड़ाई"
एक बात और है जो मैं आपसे साझा करना चाहूंगा कि क्या सभी सत्ता विरोधी पार्टियां एक साथ गठबन्धन कर अपनी -अपनी सीटो और इच्छाओं का त्याग कर सत्ताधारी पार्टी के विरुद्ध एक साथ एक मंच पर 5 साल तक रह पायेगी।
शायद न या शायद हाँ भी क्या आप भी मेरी तरह इसी  दुविधा के शिकार है जैसा कि मै हूँ।
राजनीति  और उससे बनी सत्ता सुख  का मोह क्या सभी विरोधी पार्टिया एक साथ बाट पायेगी।
क्या सच मे सभी पार्टियां देश के बारे मे सोच रही है।
मेरे और आपके मन मे बहुत सी दुविधा और प्रश्न है जो चुनाव तक बनी रहेगी। चलिये कुछ प्रशनो के उत्तर अगले आर्टिकल के माध्यम से ढूढने का प्रयास करेंगे।इंतजार करिये आर्टिकल के अगले अंक का तब हमारे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का शोर सुनते रहे और सच्ची और आप की खबरे टीवी पर ढूंढते रहे।
धन्यवाद!

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