Roti bank varanasi कैसे बनी जाने पूरी कहानी। रोटी बैंक काम कैसे करती है
दोस्तो आज की कहानी है roti bank varanasi जिसकी कहानी आज आप इस artical मे पढ़ने वाले है। दोस्तो रोटी बैंक का नाम तो खूब सुना होगा चलिये इसके बनने की कहानी आज हम आपको बताते है।
रोटी बैंक वाराणसी को रचने का पूरा श्रेर्य किशोर कांत तिवारी और उनके मित्रो को जाता है। आज रोटी बैंक 25 शहरो और 6 राज्यों से जुड़ चुका है। और वहाँ रोटी बैंक अपना काम कर रही है।
Roti bank के founder कौन है - रोटी बैंक के founder&President श्री किशोर कांत तिवारी जी है जो 30 साल के है साथ ही ग्रेजुएशन कर चुके है Diploma and sefty किया है हैदराबाद मे जॉब कर चुके है। अब रोटी बैंक को बनाकर अपनी सेवा दे रहे है।
रोटी बैंक बनाने की सोच कैसे आयी - 2017 मे roti bank बनाने का ख्याल किशोर जी के मन मे जन्म ले चुका था। क्योंकि किशोर जी एक दिन बनारस घाट पर घूम रहे थे तभी किशोर जी ने देखा कि एक भूखा आदमी कचरे के ढेर से लोगो के फेके खाने को बीनकर खा रहा था। किशोर जी को यह दृश्य देख दिल झकझोर गया।
किशोर जी ने उस आदमी को कूड़े से बीनकर खाना खाते हुए बहुत लोग आते- जाते देख रहे थे परंतु किसी ने आगे आकर मदद नही किया। तब किशोर कांत जी आगे आये उस आदमी को खरीद कर खाना दिया और उसकी भूख मिटाई।
जब किशोर जी ने इस घटना की जानकारी अपनी माता जी को दी तो उन्होंने ने बोला बेटा इस उम्र मे रोज रोटी तो नही बना सकती पर दाल-चावल बना कर दूंगी तुम ऐसे लोगो की मदद कर देना।
10-15 दिन तक किशोर जी की माता जी ने खिचड़ी जी भूखे लोगो को खाना खिलाने के लिये। फिर किशोर जी ने सोचा कब तक मैं ऐसे लोगो की मदद करता रहूँगा।
फिर उन्होंने गौर करना शुरू किया कि शादी-विवाह मे लोग खाना बहुत फेकते थे तो एक idea किशोर जी मन मे आया कि social media के माध्यम से लोगो से अपील किया की लोग शादियों का खाना फेके नही हम दे दिया करे। इस अपील से बहुत फायदा होने लगा लोग शादियों का बचा खाना हमको फोन करके देने लगे।
लोगो का सहयोग - रोटी बैंक के इतना बड़ा बनने के पीछे लोगो का सहयोग है ऐसा किशोर कांत तिवारी जी का मानना है। क्योंकि पहले वह स्कूटी से लोगो को खाना बाटने निकलते थे। पर बरसात मे बहुत दिक्कत होती थी। खाना भी बरसात से भीग कर खराब हो जाता था।
पर लोगो ने second hand रोटी बैंक को गिफ्ट किया जिससे आज रोटी बैंक कार से खाना बाटने निकलता है चाहे कड़ी धूप हो या सर्दी हो या बरसात रोटी बैंक साल के 365 दिन खाना जरूरतमंदो की खिलाती है।
रोटी बैंक के और काम क्या है - दोस्तो जब मैंने किशोर जी से यह प्रशन पूछा कि रोटी बैंक सिर्फ भूखे को सिर्फ खाना ही खिलाती है की कुछ और भी करती है ।
तब किशोर जी ने हमको बताया कि हम सिर्फ खाना ही नही बिल्कुल गरीब दबके लोगो को खाने के साथ-साथ दवा और रुपये से भी मदद करते है।
roti bank किसी दुर्घटना से अपाहिज,दिव्यांगों को भीख मांगने से मुक्ति दिलाने के लिये उनको वजन मशीन देती है साथ ही एक पोस्टर देती है जिस पर लिखा होता है कि " 5 रुपये मे वजन करवाये भिक्षा न देकर स्वावलंबी बनाये"
तो यहाँ एक बात साबित होती है रोटी बैंक लोगो को खाने के साथ आजीविका कमाने के साधन भी दे रही है।
रोटी बैंक लोगो नशा न करने का संदेश भी देती है नशा करने से परिवार कैसे बर्बाद हो जाते है यह सब अपने मोबाइल वह leptop से वीडियो दिखाकर जागरूक करने का प्रयास करती है।
All india Roti bank Trust का स्लोगन है कि
"कोई भी भूखा सोये न अपना"
दोस्तो अगर आप रोटी बैंक का इस नेक काम मे सहयोग करना चाहते है। आप रोटी बैंक को उनके दिये बैंक account no पर छोटी या बड़ी रकम डोनेट कर सकते है। डोनेट करने से पहले अगर कोई शक है कि दिये बैंक account detail गलत तो नही तो आप सीधे रोटी बैंक से detail conform कर सकते है-
9455209530
8318714707
" Bank account no - 217905000601
IFSC code - ICIC0002179
Lanka Branch varanasi "
अगर paytm करना चाहते है डोनेशन को तो यहाँ करे।
Paytm no - 9455209530
दोस्तो अगर आप रोटी बैंक का इस नेक काम मे सहयोग करना चाहते है। आप रोटी बैंक को उनके दिये बैंक account no पर छोटी या बड़ी रकम डोनेट कर सकते है। डोनेट करने से पहले अगर कोई शक है कि दिये बैंक account detail गलत तो नही तो आप सीधे रोटी बैंक से detail conform कर सकते है-
9455209530
8318714707
" Bank account no - 217905000601
IFSC code - ICIC0002179
Lanka Branch varanasi "
अगर paytm करना चाहते है डोनेशन को तो यहाँ करे।
Paytm no - 9455209530
दोस्तो आज की पूरी स्टोरी मेरे किशोर तिवारी जी के साथ लिये interview पर आधारित थी। स्टोरी कैसी लगी कमेन्ट जरूर करे पोस्ट को शेयर करना न भूले।
धन्यवाद।।




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