साइकिल की तरफ क्यों भाग रहा है यूरोप। क्यों पैसे दे रहे है ये देश साइकिल चलाने पर ?

इस तेज रफ्तार जिंदगी मे कोई सोच भी नही सकता था कि आज फिर से लोग साइकिल को अपनी जिंदगी का अटूट हिस्सा फिर से बना लेंगे। corona virus के इस महामारी के इस दौर मे यूरोपीय देशों मे साइकिल की मांग और प्रयोग 30 फीसदी बढ़ गयी है।

दोस्तो एक-दूसरे से सामाजिक दूरी बनाये रखने मे साइकिल एक अच्छा माध्यम बनती जा रही है। देश का पेट्रोल का खर्च तो बचता है साथ ही उस देश के लोग भी स्वस्थ रहते है। देश को हेल्थ केअर मे कम खर्च करना पड़ेगा।

यूरोपीय देशों मे लॉक डाउन  के दौरान और उसके बाद लोगो ने घर-ऑफिस ,स्कूल-जिम जाने के लिये लोग आरामतलबी भूलकर साइकिल की ओर लौट रहे है।
हम कुछ देशों के बारे मे जाने जो अब जोर-शोर से साइकिल चलाने को बढ़ावा दे रहे है यह सभी आकड़े "वर्ल्ड बाइसिकिल सिटीज इंडेक्स और विश्व आर्थिक मंच से लिया गया है"

ब्रिटेन का महाअभियान साईकिल को लेकर -  ब्रिटिश सरकार ने लंदन, मैनचेस्टर जैसे शहरों मे मॉल, ऑफिस एरिया मे कारो पर पाबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। दो अरब पौंड का नेशनल साइकिल प्लान है। जिसमें से 25 अरब पौंड साइकिल खरीदने के साथ - साथ विशेष साइकिल ट्रैक बनेगा। ज्ञात हो कि ब्रिटेन मे lock down मे साइकिल की दुकानें खुली रही थी।
पेरिस - 650km का नया साइकिल रूट तैयार किया गया है
डेनमार्क - डेनमार्क राजधानी कोपेनहेगन मे 50 फीसदी यात्री साईकिल चालक बन चुके है।
कोलंबिया - राजधानी बोगोटा मे 75 वर्ग km क्षेत्र  वाहन मुक्त घोषित किया जा चुका है साईकिल चलाने को प्रोत्साहित करने के लिये।
जर्मनी - बर्लिन मे कार लेन को कम कर साइकिल के लिये yellow लाइन बनी है।
स्पेन - बार्सिलोना जैसे शहरों मे साइकिल कही पर भी किराये पर ले सकते है क्योंकि बार्सिलोना ने अपने शहरो मे ग्रीन लेन तैयार कर रखा है।
नीदरलैंड - 16 रुपये प्रति km दे रही है कंपनी साईकिल से ऑफिस आने पर।

अब हम भारत देश की बात कर लेते है अगर भारत सरकार साइकिल चलाने को जोर देकर प्रोत्साहित करें तो देश का 1.8 लाख करोड़ रुपये बच सकते है।

आप जानकर हैरानी होगी कि भारत मे 58% कार यात्रा बड़े शहरों मे 5 से 10 km की जाती है। सोचने वाली बात है अगर भारत मे फिर से साइकिल चलन मे आ जाये तो भारत का पेट्रोल,डीजल तो बचेगा ही साथ ही पर्यावरण पर प्रतिकूल असर होगा लोग पहले से कम बीमार होंगे अगर साइकिल चलाते है तो।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार लंदन,पेरिस जैसे शहरो मे फरवरी मे कार-बाइक या बसों की जगह शरू हुई "साईकिल टू work स्किम" बहुत लोकप्रिय हुई। कार का इस्तेमाल 40 फीसदी घट गया।

 दोस्तो इन खबरों से एक बात माननी होगी कि साइकिल चलाने से सामाजिक दूरी बनाने और सेहतमंद जीवन जीने मे बहुत मदद मिलती है।

भारत सरकार कब जोर-शोर से यूरोप के देशों ने जो किया उसको भारत मे शुरू करने का प्रयास करती है यह देखने वाली बात होगी।

TSR संपादक - सूरज जी

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