यूपी पुलिस ने विकास दुबे के साथी प्रभात मिश्र को घर से उठाया और फरीदाबाद में ले जाकर मार गिराया

यूपी पुलिस ने विकास दुबे के साथी प्रभात मिश्र को घर से उठाया और फरीदाबाद में ले जाकर मार गिराया 



 प्रवेश चौहान (टाइम्स ऑफ जनता) कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मामला पिछले कुछ दिनों से सुर्ख़ियों में छाया रहा और अब इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को एसटीएफ ने मार गिराया और बाकी बचे हैं उनके साथी उनको भी यूपी पुलिस ढूंढ रही है कई हतते भी चढ़ चुके है और कईयों का एनकाउंटर भी हो गया है. मगर लगातार हो रहे एनकाउंटर को अब फिल्मी अंदाज में देखा जाए तो इसमें भी कोई गलत नहीं है क्योंकि एनकाउंटर की यूपी पुलिस की सभी कहानियां पुरानी हिंदी फिल्मों के साथ बिल्कुल मिलती-जुलती है जिस पर विश्वास कोई भी करने को राजी नहीं है.

इसी बीच एक अहम बात पता चली है कि विकास दुबे के साथी प्रभात मिश्र को यूपी पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया था जबकि यूपी पुलिस और एसटीएफ ने प्रभात मिश्र को फरीदाबाद से गिरफ्तार करने की बात कही थी.यूपी पुलिस और एसटीएफ ने अपने एनकाउंटर की कहानी में बताया था कि प्रभात मिश्र को फरीदाबाद से पकड़ कर कानपुर लाया जा रहा था तभी प्रभात मिश्र भागने का प्रयास करने लगा और पुलिस पर गोलियां चलाने लगा जिस वजह से आत्मरक्षा में पुलिस वालों को भी गोलियां चलानी पड़ी और प्रभात मिश्र को  मार गिराया गया. इसी तरह का दावा एसटीएफ और यूपी पुलिस हर मुठभेड़ में करती आ रही है.


बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रभात मिश्र के परिजनों से बातचीत की तो उनके परिजनों का कहना है कि प्रभात मिश्र को घर से गिरफ्तार किया गया था बाद में पता चलता है कि प्रभात को फरीदाबाद से ले जाया जा रहा था रास्ते में उसने भागने का प्रयास किया,एनकाउंटर में मारा गया यह खबर सुनते ही हम सभी हक्के बक्के रह गए हैं.आखिर पुलिस ने ऐसी मनगढ़ंत कहानी क्यों बनाई जबकि वह घर से गिरफ्तार किया गया था प्रभात मिश्र के परिजन पुलिस द्वारा बनाई गई इस कहानी से बिल्कुल गुमसुम हो चुके हैं.


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