क्या पूरे देश में अमिताभ बच्चन ही कोरोना मरीज बचे हैं ?

क्या पूरे देश में अमिताभ बच्चन ही कोरोना मरीज बचे हैं ?

प्रवेश चौहान (टाइम्स ऑफ जनता):बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है साथ ही उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए है. जया बच्चन और  ऐश्वर्या राय की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव बताई जा रही है यह खबर आपको सभी न्यूज़ चैनलों में एक साथ चलती दिखाई दे रही है और आप लोग भी इस खबर को देखते-देखते जरूर थक गए होंगे.अमिताभ बच्चन के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद,उनको कई नामी लोग ट्विटर के जरिए  उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.अगर इसी जगह कोई गरीब व्यक्ति होता जिसके पास अनाज खरीदने को पैसा नहीं है घर पर छत लगवाने तक का पैसा नहीं है उसको कोई भी पूछने तक नहीं आता प्रतिक्रिया देने की तो दूर की बात है. आखिर इन सभी नामी लोगों की अमिताभ बच्चन के साथ ही इतनी सहानुभूति क्यों है. जबकि अमिताभ बच्चन के पास कोरोना का इलाज करवाने के लिए पर्याप्त मात्रा में धन है वह पूरे मुंबई के क्रोना मरीजो के इलाज का पैसा खर्च कर देंगे तब भी उनको कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

न्यूज़ चैनलो में देखने को मिल रहा है कि कई लोग तो अमिताभ बच्चन के लिए पूजा पाठ कर रहे हैं ताकि वह जल्दी स्वस्थ हो जाए.सिर्फ एक व्यक्ति के लिए आप पूजा पाठ कर रहे हो क्या इस पूरे देश में या बात करें इस पूरी दुनिया में केवल अमिताभ बच्चन ही कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं और कोई नहीं बचा है.अगर पूजा पाठ कर रहे हो तो पूरी दुनिया के लिए ना सही,कम से कम अपने भारत देश के लिए तो कीजिए भारत में लाखों की संख्या में कोरोनावायरस के मरीज है. उन लाखों मरीजों के सामने केवल अमिताभ बच्चन ही आपको दिखाई दे रहे हैं और कोई नहीं दिखाई दे रहा है ? अगर पूजा करनी है तो उन लाखों लोगों के लिए करो उन लाखों लोगों के लिए पूजा करोगे,जिनमें अमिताभ बच्चन भी शामिल है.मात्र एक के लिए पूजा करने में आप अपना समय खराब कर रहे हैं और पैसा भी खराब कर रहे हो. इस तरह पूजा पाठ करना केवल दिखावा करना है.

 सवाल यह है कि सहानुभूति जितनी अमिताभ बच्चन के साथ सब की है उतनी सहानुभूति उन लाखों कोरोना मरीजों पर भी होनी चाहिए,सहानुभूति एक पर होने का मतलब वह सहानुभूति मात्र व्यक्ति विशेष पर टिकी हुई है सहानुभूति किसी के साथ भेदभाव नहीं करती क्योंकि सहानुभूति हर किसी व्यक्ति के साथ एक जैसे ही होनी चाहिए. आज कई लोग ऐसे हैं जिनके पास कोरोना टेस्ट करवाने तक का पैसा नहीं है कई कोरोना मरीजों की मृत्यु होने के बाद अस्पताल उनके परिजनों पर इतना खर्च बता देती है कि घर बेचकर भी उस खर्च को पूरा नहीं कर पाएंगे ऐसे लोगों की मदद के लिए क्यों नहीं लोग आगे आ रहे हैं. क्यों आप सभी को अमिताभ बच्चन कोरोना मरीज पाए जाने पर केवल वही दिखाई दे रहे हैं. लाखों लोग क्यों नहीं दिखाई देते क्या लाखों लोगों की जान की कीमत नहीं है. सहानुभूति हर किसी के साथ एक जैसी ही होनी चाहिए.

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